ad

loading...

चूत अमृत

प्लीज़, न करे जाया अमृत लौंडे का
हक़ सोनी का बनता है
मुह में ले या चूत में डलवाए
ये रस न इतना सस्ता है
सोनी जिन्दा इस रस की खातिर
पीने को कब से तरस रही
खुद न हिलाएं हाथों से
सोनी खुद दुहने को हरस रही
मुह में दे दे या चूत को भर दे
हर धक्का आनंद जगायेगा
जब झडेगा लौंडा जिस्म में मेरे
रोम रोम हरसायेगा


ए कामकला की गुरु
आपके शब्द ..आपकी चूत
दोनों में जादू हैं
हम तो इसी के कायल हैं
कल्पना लोक के विचरण में ..
मै प्रतिदिन अपना लंड
आपकी चूत में
महसूस करता हूँ
कभी कभी आप मेरा लंड अपने
मुख में लेकर चुभलातीं हैं
तो कभी अपनी चूचियों को
मुझसे मसलवातीं हैं

अब बस भी करें
बंद करें तडपाना
कल्पना से यथार्थ लोक में आकर
इस कामुक चोद्वीर को
अपनी चूत की सेवा का मौक़ा तो दें |
आपके साक्षात् दर्शन
की अभिलाषा में
ये चोद्वीर
न जाने कहाँ कहाँ भटक रहा है !!

1 comment :