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तो फिर किसने चोदा मुझे ?

तो फिर किसने चोदा मुझे ?

                                              मेरी बीवी चुद रही, तुमने पेला लंड . 
                                              तेरी बीवी ने लिया, बुर में मेरा लंड .
 " होटल इंजॉय कपल्स "  में कल तीन कपल्स ठहरने आये थे . पूजा राहुल, राबर्ट गोम्सी और साहिद हया . यह होटल गोवा में है और केवल कपल्स के लिए ही है . सवेरे करीब 6   बजे  पूजा  के कमरे में गोम्सी और हया आ गयी और फिर तीनो बैठी बैठी चाय पीने लगी . चाय पीते पीते बातें भी होने लगी . बड़ी मस्त बातें फिर थोड़ी सेक्सी बातें और फिर बिलकुल प्राइवेट बातें . पूजा बीच में बोली :- यार, कल रात में बड़ा गज़ब हो गया ? करीब 12 बजे के बाद अचानक लाईट चली गयी थी  लेकिन उससे कोई फरक नहीं पड़ा . थोडा जाड़ा है न . गर्मी तो है नहीं . मैं एक चादर ओढ़ कर लेट गयी . थोड़ी देर में मेरे हसबैंड आ गए . मेरे बगल में लेट गए . फिर मेरे ऊपर भी . मेरी चूचियां मसलने लगे . मैं अन्दर से बिलकुल नंगी थी . उसने धीरे से  लन्ड  मेरी बुर में पेल दिया और मुझे चोदने लगा . मैं मस्ती से चुदवाने लगी . फिर मुझे अहसास हुआ की आज इसका  लन्ड  बड़ी दूर तक चोद रहा है . मैंने सोचा की आज मेरे हसबैंड का  लन्ड  इतना लम्बा कैसे हो गया ? लेकन मैं कुछ बोली नहीं . मुझे भी लम्बे  लन्ड  से चुदवाने में मज़ा आने लगा . फिर मैंने  लन्ड  हाथ से पकड़ा . तब मुझे ऐसा लगा की  ये मेरे मियां का  लन्ड  नहीं है . मेरी ऊँगलियाँ उसकी झांटों पर चली गयी . उसकी घनी घनी झांटे थी . मैं मन ही मन सोच रही थी क्या करू ? फिर मैंने सोचा चलो अब बीच में किसी को  डिस्टर्ब नहीं करती हूँ . चुदाने में मज़ा आ रहा है बस मैं मज़ा लेती रही टी रात भर .
 गोम्सी  :- ओ' माई गाड, लम्बा  लन्ड  झाटं वाला लन्ड , बुर को  दूर तक चोदने वाला  लन्ड  तो मेरे हसबैंड का है
पूजा  :- वाओ, तो इसका मतलब मैं रात भर तेरे हसबैंड से चुदवाती रही ?
 गोम्सी  :- वो  तो ठीक है यार पर मुझे कौन चोदता रहा रात भर ? किसने चोदा मुझे ? वो किसका  लन्ड  था यार ?
 हया  :- तो उसका  लन्ड  कैसा था ?
गोम्सी  :- यार,  लन्ड  तो मस्त था . हुआ ये की मैं नंगी नंगी लेट गयी बिस्तर पर . वह आया और दरवाजे की सिटकिनी बंद की . मैं  समझी  की मेरा हसबैंड है . वो मेरे बगल में लेट  गया  उसके हाथ मेरी चूचियों पर आ गए फिर उसने देर नहीं लगाई और  अपना खड़ा  लन्ड  मेरी चूत में पेल दिया . वो चोदने लगा  भकाभक . मुझे मज़ा आने लगा लेकिन मैं सोच रही थी आज इसने इतनी जल्दी क्यों लौड़ा पेल दिया .फिर इसका  लन्ड  भी कुछ अजीब तरीके  का लंग रहा है मुझे . खैर थोड़ी देर चुदवाने  के बाद मैंने  लन्ड  बुर से निकाल कर पकड़ लिया . उसका सुपाड़ा बड़ा जबरदस्त लगा मुझे  झांटं पर हाथ फेरा तो झांटं का नामोनिशान नहीं ? फिर मैंने  लन्ड  मुठ्ठी में  लिया और ऊपर नीचे करने लगी . लेकिन उसकी खाल ऊपर जा ही नहीं रही थी . मैं हैरान हो गयी . यह सुनकर हया खिलखिलाकर हंस पड़ी और बोली यार मुस्लिम  लन्ड  की खाल सुपाडे के ऊपर नहीं जाती . उसकी खाल काट दी जाती है . उसका सुपाड़ा हमेशा खुला रहता है . अच्छा ये बता की  लन्ड  सख्त था की नहीं ?
गोम्सी  :- हां यार, बहुत सख्त था बहन चोद ? बड़ा मज़ा आ रहा था मुझे चुदवाने में तभी तो मैं चुदवाती रही और कुछ बोली नहीं   
हया  :- अरे यार, वो मेरे मियां का  लन्ड  है जिसकी तू बात कर रही है . इसका मतलब की तू रात भर मेरे मियां से  चुदवाती रही .
 तब पूजा बोली :- तो इसका मतलब यह भी है हया की तू मेरे पति से चुदवाती रही . तुझे भी पता नहीं चला की ये कटा  लन्ड  है की समूचा   लन्ड  ?
 हया :- मैं समूचा  लन्ड  जानती हूँ . कई लड़कों से शादी के पहले चुदवा चुकी हूँ . लेकिन जब  लन्ड  बुर में घुस गया तो कैसे निकाल कर बाहर करती ? और फिर बाद में जब  लन्ड  हाथ में आया तो मालूम हुआ की ये तो बिना कटा  लन्ड  है .लेकिन  लन्ड  चूंकि इतना मोटा था की मुझे बहुत मज़ा आने लगा इसलिए मैं चुदवाती रही . उधर राबर्ट के कमरे में राहुल और साहिद दोनों बैठे थे और तीनो बातें कर रहे थे  
राबर्ट  :-  यार, अपना प्लान तो कामयाब हो गया . जाते ही जो हम तीनो ने  लन्ड  पेल दिया बुर में उससे उन्हें  लन्ड  पहचानने का मौका ही  नहीं मिला . और जब मिला तो बड़ी देर हो चुकी  थी और उन्हें चुदवाने का  मज़ा आने लगा . फिर कौन छोड़ता है  लन्ड  ?
राहुल  :- हां  यार, मुझे तो साहिद की बीवी  हया भाभी को चोदने में खूब मज़ा आया . क्या मस्त चुदवाती  है और  लन्ड  चूसने में तो  उसका कोई जबाब नहीं है ?
साहिद  :- मैंने राबर्ट की बीवी गोम्सी भाभी को खूब चोदा . तीन बार चोदा . हालांकि  उसे मालूम  हो गया था की  लन्ड  किसी और का है फिर भी चुदवाती.रही  मैंने तो उसकी गांड मारने का भी स्वाद  लिया
राबर्ट :- और पूजा  भाभी वाह क्या बुर है उसकी ? एकदम ठसाठस  मेरा लौड़ा  घुस रहा था उसकी चूत में . और जिस तरह से अपनी गांड उठा उठा कर चुदा रही थी राहुल की बीवी उससे मेरा लौड़ा और टन टनाता जा रहा था .
 राहुल  :- यार कुछ भी दूसरों की बीवी चोदने में जो मज़ा है वो किसी और में नहीं है .
साहिद :-  यार आज से तुम दोनों मेरी बुर चोदी बीवी की बुर चोदो  . जब चाहो तब चोदो . जहाँ चाहो वहां चोदो . 
राबर्ट :- मैं भी यही कहता  हूँ  पेलो अपने अपने  लन्ड  मेरी बीवी की बुर में .
 राहुल :-आज से मेरी बीवी की चूत तुम दोनों की है . जब मन करे आओ और चोदो  मेरी बीवी की बहन चोद बुर .
 थोड़ी देर में तीनो पूजा के कमरे में चले गए पूजा ने जैसे ही राबर्ट को  देखा वह बोली भोषड़ी के राबर्ट तुम बहुत मादर चोद हो  ? तूने कल चोरी से मेरी बुर चोद ली  . अरे माँ के लौड़े अगर  मेरी चूत तुझे  ही पसंद थी तो मुझसे कहा  होता  मैं खुद ही तुझे बुर दे .देती  राबर्ट ने जबाब दिया अरे भाभी मालुम तो आपको हो गया था की  लन्ड  किसी और का है ? पूजा ने फिर कहा हां  पर तब तक तक तुम चोद चुके थे . और फिर तेरा  लन्ड  मुझे पसंद आया तो मैं भी चुदवाती रही . उधर गोम्सी बोली और साहिद को देखो  अपना कटा  लन्ड  मेरी बुर में बिना मेरी इजाज़त के पेल दिया . खूब चोदा मुझे इस बहन चोद ने हां पर लौड़ा  तेरा .  है यार और एक बार चोदो न मुझे ?  . उसके बाद हया बोली हां यार राहुल तुम भी इन दोनों की तरह मेरी चूत. भर चो दते रहे . अच्छा चलो ठीक है मैं तेरे हूँ  लन्ड  को पास  हूँ अब आगे भी चोदते रहना
 पूजा बोली :- देखो अब हुआ सो हुआ . अब एक एक  लन्ड  हम  सबका बाकी  है .  अब चलो तुम लोग हम लोगों को इसी कमरे में आमने सामने चोदो एक दूसरे की .बीवियां  अब खूब मज़ा ले ले कर चोदो . रौशनी में चोदो  ताकि तुम सबकी बुर चूंची गांड  सब ठीक से देख सको और हम लोग तुम सबके खड़े  लन्ड   देख सकें 
ऐसा कह  कर पूजा ने साहिद की लुंगी खींच  ली . वह नंगा हो गया . पूजा बोली वाह तुमने बहन चोद नीचे कुछ पहना ही नहीं है  उसने लंड पकड़ कर हिलाया और गोम्सी को  दिखाकर बोली यही है न  लन्ड  जिसने कल तेरी बुर चोदी  है ? गोम्सी ने हां में सर हिलाया पूजा बोली आज ये मेरी बुर चोदेगा . उधर से आवाज़ आयी की पूजा आज तेरे मियां का  लन्ड  मेरी चूत चोदेगा . सामने सोफा पर हया बैठी थी . उसने राबर्ट का  लन्ड  पकड़ कर बोली कल ये पूजा की बुर में गया था आज मेरी बुर में जाएगा . तीनो बीवियां मस्त हो गयी भोषड़ी वाली गैर मर्दों का  लन्ड  पकड़ कर . और  चुदाने लगी अपनी अपनी चूत  फैलाकर .कमरे  में गचागच फचाफाच चुदाई  होने लगी .
 राहुल राबर्ट की बीवी गोम्सी को चोदने लगा . राबर्ट साहिद की बीवी हया को चोदने लगा और साहिद राहुल की बीवी पूजा को चोदने लगा . 
गोम्सी राहुल  के लंड को हाथ में लेकर बड़ी देर तक देखती  रही और उसे सहलाती रही . उसका चिकना  मोटा लंड गोम्सी को भा गया .उस पर हाथ फिराने में उसे मज़ा आ रहा  था  . गोम्सी बोली राहुल,  बहन  चोद तेरा लंड  बहुत मोटा   है . उसे चूमा और उसी लंड से  बोली साले आज तू मेरी बुर चारों तरफ से चोद कर आना गोम्सी ने मोटे लंड से चुदवाना अपनी मोम से सीख कर आयी है . गोम्सी के घर में मर्द और औरत एक साथ मिल कर डांस करते है . डांस करते करते लोग नशे में  कभी कभी अपने अपने कपडे उतार देते है . .औरते और लड़कियां नंगी होने लगती है . अपनी चूचियां  हिला हिला कर नाचती है लड़कियां . गोम्सी भी ऐसा ही करती थी . मर्द भी नंगे हो जाते है . उनके साथ नाचने लगते है उनके लंड ? गोम्सी और उसकी माँ को नाचते हुए लंड बहुत प्यारे लगते है . और फिर गोम्सी किसी का लंड पकड़ कर नाचने लगती है  और उसके सामने उसकी माँ भी लंड पकड़ कर नाचती है . उसके बाद चूत की गर्मी बढ़ जाती है . बस दोनों फटाफट लंड अपनी अपनी बुर में पेलने लगती है . खूब जम कर चुदवाती है दोनों .  गोम्सी लंड को बार बार चूम कर उसे फिर अपनी चूत में पेल लिया और चुदवाने लगी अपनी मादर चोद  बुर . राहुल का मोटा लंड जैसे ही घुस उसकी चूत  में तो गोम्सी सी सी कर उठी .
 उसके सामने राबर्ट साहिद की बीवी हया को चोद रहा था . हया भक्क भक्क चुदवाने में लगी थी . थोड़ी देर उसने बुर से लंड निकाला और उसे तौलिये से पोंछ कर जबान से चाटने लगी . हया बड़ी मस्ती से लंड चाट रही थी . इन तीनो में हया ही सबसे ज्यादा लंड  चाट चुकी है . सबसे ज्यादा लंड इसकी बुर चोद चुके है . हया शादी के पहले से ही चुदवा रही है . इसकी लंड पकड़ने की अदा लंड चाटने की अदा और  चुदवाने के अदा  सबको बहुत अच्छी  लगती है . हया ने यह अदा अपनी अम्मी से सीखा है . उसकी माँ एक मस्त चुदककड़ औरत है . आज भी लोग उसके भोषडा के दीवाने है . हया जब मईके जाती है तो अपनी अम्मी से सामने कई मर्दों से चुदवा कर आती है . इन दोनों को लंड का बड़ा शौक है . हया जिस तरह से बीवियों की अदला बदली में गैर मर्दों से चुदवाती है उसी तरह इसकी माँ भी गैर मर्दों से चुदवाती है . वह भी भोषडा का अदला बदली करती है . हया को मखमली झांट वाला राबर्ट का लंड बहुत पसंद आया .  ठीक उसके बगल पूजा साहिद का लंड बड़ी देर से घुमा घुमा कर देख रही थी . उसे लंड का सुपाड़ा  बड़ा अच्छा लग रहा था . उसे भी मुस्लिम लंड पसंद है . साहिद का लंड मोटा भी है और सख्त भी . पूजा तो लंड की दीवानी है . बंगाली लड़कियां लंड बहुत पसंद करती है . इधर उधर हाथ मारती है और जल्दी ही किसी न किसी का लंड पकड़ लेती है . पूजा  की बुर भी बड़ी तरोराज़ा लगती है . एकदम चिकनी पूजा की बुर चोदी बुर . उसकी बुर देखते ही लोगों के लंड खड़े होकर आसमान ताकने लगते है . पूजा को मदों के आगे नंगी होने में बड़ा मज़ा आता है . वह चाहती है की लोग उसे नंगी देखे और अपना लंड दिखाए . पूजा ने गप्प से लंड मुह में लिया और चूसने लगी . उसकी चूचियां साहिद मसलने में लगा था . बस थोड़ी देर में ही  लंड  पूजा की चूत में घुस गया . पूजा अपनी गांड उचका उचका कर चुदवाने लगी . बड़ा मज़ा आ रहा था उसे .
अपने मर्द के आगे पराये मर्दों से चुदवाने का मज़ा तीनो बीवियां  उठा रही थी और अपनी बीवी के आगे परायी बीवियां चोदना  सभी मर्दों को बड़ा अच्छा लग रहा था .
 सच  है बीवियों की अदला बदली  का चस्का  जिसको लग जाता है उसको फिर दुनिया में कुछ और अच्छा नहीं लगता .    

=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=00=0= समाप्त   

पहले चाटो बुर फिर चोदो बुर

पहले चाटो बुर फिर चोदो बुर

                                        चूमो, चाटो चूत  को,  पकड़ हिलाओ लन्ड 
                                        गरम गरम बुर में तभी, पेलो अपना लन्ड
 अरे बेटा सल्लू, आज क्या तू पहली बार बुर चोदने निकला है ? इसके पहले क्या  तूने  कभी कभी कोई  लड़की नहीं चोदी ? अगर  नहीं चोदी तो तू मुझसे  पहले पूंछ लेता की बुर कैसे चोदी जाती है, आंटी ? मैं तुझे बुर चोदना सिखा देती ? मैं तो समझती की तू अपनी  भाभी की बुर चोदता होगा, अपनी खाला का भोषडा चोदा होगा तूने ? पड़ोस की लड़कियां भी चोदी होगी तूने ? और नहीं तो कॉलेज की लड़कियां जरुर चोदी होंगी तूने  पर मुझे तो लगता है की तू अभी चोदने में बिलकुल अनाडी है . मैं देख रही हूँ की तेरा  लौड़ा   जरुर सयाना हो गया है . बुर चोदने वाला हो गया है . मोटा तगड़ा है  लौड़ा तेरा   मेरी बेटी की बुर को मज़ा आ जायेगा  लेकिन तूने ठीक  से बुर चोदना सीखा ही नहीं है .
सल्लू :- अरे आंटी, मैं भाभी को चोद  चूका हूँ . खाला को भी चोदा है और लड़कियों को भी चोदता हूँ . अब कहो तो पहले मैं तुम्हारी बुर चोदूं फिर तुम्हारी बेटी की बुर ?
आंटी :- अरे कमाल है यार, तेरी माँ का भोषडा साले तेरी बहन की चूत ?  तेरी भाभी की बुर तेरी खाला का भोषडा ? इन सब भोषड़ी वालियों ने तुझे सिखाया नहीं की  बुर चोदने के पहले बुर चाटी जाती है . ख़ास तौर उस लड़की की बुर जो अभी ताज़ी ताज़ी है . जिसकी बुर अभी ताज़ी है .
सल्लू :- हां आंटी, बताया तो था लेकिन मैं भूल गया ?
आंटी :- मैं जानती हूँ तू क्यों भूल गया ?  तेरा बहन चोद  लन्ड फ़टाफ़ट खड़ा हो गया और जब लन्ड खड़ा हो जाता है तो वह अपना बिल ढूँढने लगता है . उसको एक बिल दिखाई पड़ा, यानी मेरी बेटी की बुर बस वह घुसने लगा उसमे ? अबे साले चूत  के प्यासे माँ के लौड़े,  पहले चूत  को चाट चाट कर उसे लन्ड पेल्वाने के लिए तैयार कर  फिर चोदना शुरू कर  देख मेरी बेटी की बुर खुली पड़ी है . अब तू चढ़ जा उसके ऊपर . अपना  लौड़ा उसके मुह में डाल  कर झुक जा और पूरी जबान निकाल कर बेटी की बुर चाट .
 इतने  में एक आवाज़ आयी आंटी मुझे आता है बुर चोदना. मैं अच्छी तरह बुर चाट भी लेता हूँ और चोद  भी लेता हूँ . सबने इधर उधर देखा लेकिन कोई दिखाई नहीं पड़ा .सल्लू वैसा ही करने लगा जैसा आंटी ने कहा था .
अपनी बेटी  मुस्कान की बुर चटती हुई देख कर  मुमताज़ बड़ी खुश हुई और वह ललचाई आँखों से सल्लू का  लौड़ा देखे जा रही थी . उसका भी दिल उसके लन्ड पर आ गया उसने सोच लिया की वह भी चुदवाएगी सल्लू से . अचानक फिर आवाज़ आयी आंटी मैं चोद लेता हूँ बुर मुमताज़ ने इधर उधर देखा लेकिन वहां कोई नहीं दिखा फिर उसने देखा की कोई उसके पास धीरे धीरे आ  रहा है उसका चेहरा ढका था . मुमताज़ बोली आप कौन है ? उसने अपने  चेहरे से नकाब हटाया तो मुमताज़ बोली हाय अल्ला, तू भोषड़ी का शब्बीर तुझे तो बुर चोदते चोदते कई साल हो गए है . मैं जानती हूँ लेकिन मैंने आज तक तेरा  लौड़ा नहीं  देखा . कभी मेरी बुर में तूने  लौड़ा नहीं पेला . मेरी बेटी ने भी नहीं देखा तेरा  लौड़ा 
शब्बीर  :-  हां तेरी बेटी ने मेरा  लन्ड नहीं देखा तो क्या ? मेरे दोस्त का लन्ड देखा है ? इसकी चूत ने भी देखा है उसका  लन्ड ?
मुमताज़ :- इसका मतलब तेरा दोस्त मेरी बेटी को चोद चुका  है .
 शब्बीर :-  चोद चुका नहीं बल्कि अभी भी चोदता है .
मुमताज़ ने मुस्कान से पूंछा :- क्या यह बात सही है मुस्कान ?
मुस्कान :- हां अम्मी उसका  लौड़ा तो मेरी सहेली की बुर चोद रहा था . इतने में मैं वहां पहुचं गयी . मैंने उसका  लौड़ा देखा तो मेरी बुर गीली हो गयी . मेरा दिल  उस  लन्ड पर आ गया . मैंने चोदते हुए  लन्ड को बुर से निकाला और चाटने लगी . फिर  लौड़ा उसकी बुर में पेल दिया . उसको चोदने के बाद मैंने कहा यार  अब दूसरी बार तुम  मुझे चोदो . फिर मैंने भी चुदवाया और खूब मज़ा लिया उसके हक्कानी लन्ड का .
ऐसा कह कर मुस्कान फिर गांड  उछाल उछाल कर चुदवाने लगी सल्लू से  . शब्बीर मुमताज़ के नजदीक आ गया . मुमताज़ ने कहा देखो न मेरी बेटी कितनी एक्सपर्ट हो गयी है चुदवाने में  ?
शब्बीर :- अरे आंटी जब बड़े बड़े विदेशी मर्दों से चुदवा ले तब तुम इसे एक्सपर्ट समझो ?
 मुमताज़ :- तो क्या विदेशी लौड़े  बहुत बड़े बड़े होते है क्या ?
शब्बीर :- हां  आंटी, बहुत बड़े भी और बहुत  मोटे भी .
मुमताज़ :- तब तो वाकई मेरे भोषडा को मज़ा आएगा ? पर यहाँ कहाँ मिलते है विदेशी  लौड़े  ? मुझे ले चलो  और मेरी बेटी को भी ले चलो वहां ? 
शब्बीर :- मैं उस  होटल को जानता  हूँ जहाँ विदेशी देशी बुर चोदने आते है . इतना सुनते ही मुमताज़ ने कहा अरे मादर चोद  माँ के लौड़े पहले अपना  लौड़ा दिखा मुझे फिर मैं विदेशी  लौड़ा देखूँगी . मुमताज़ ने शब्बीर को  नंगा कर दिया और उसका   लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी . लौड़ा खड़ा हो गया . मुमताज़ बोली हाय अल्ला, तेरा भी तो लौड़ा विदेशी लौड़ा लग रहा है . कितना मोटा है बहन चोद  तेरा  लौड़ा तेरा  लन्ड ? बड़ा मज़ा आएगा तेरे से चुदवाने में ? अच्छा ये बता उसका  लौड़ा  कैसा है जिसने मेरे बेटी को चोदा  यानी तेरे दोस्त का लन्ड ? फिर किसी ने कहा उसका  लौड़ा इसके  लौड़े से बड़ा है आंटी ? इतने में मुस्कान बोल पड़ी अरी अम्मी देखो  न पीछे ? वो लड़का जो खड़ा है वही है  शब्बीर का दोस्त जैकब जिसने मुझे चोदा था . इसका लन्ड बहुत जबरदस्त है माँ ? कई लड़कियों की बुर फाड़ चुका है इसका लन्ड ? 
मुमताज़ बोली जैकब तेरी माँ का  भोषडा, तेरी बहन की बुर, मेरी बेटी को चोद कर भाग गया  साले मादर चोद तुझे मेरे भोषडा का ख्याल नहीं आया . अब चल तू निकाल अपना लंड और पेल जल्दी से मेरी चूत में . मैं देखती हूँ वो लंड जो मेरी बेटी की बुर चोदता है,  मेरा भोषडा किस तरह चोदेगा ? तब तक उधर सल्लू का लंड भर चुका था और मुस्कान उसका सडका लगा रही थी . लंड मुठ्ठी में लेकर बार बार जल्दी जल्दी  गालियाँ बकते हुए ऊपर नीचे कर रही थी . साले  लौड़े मैं तेरी माँ चोद दूँगी . मैं तेरा तेल निकाल लूंगी ? तेरी गांड मारूंगी साले ? चल अब तू खलास हो जा . लंड वाकई उसके मुह में ही झड गया . सबने तालियाँ बजाई . बड़ा मज़ा आया सबको .

जो हारेगी - वो कपडे उतारेगी ?

जो हारेगी - वो कपडे उतारेगी ?

                                 पहले चुदाओ अपनी बीवी,  तब फिर चोदो  सबकी बीवी . 
                                 अदल बदल कर चोदो बीवी, मियां खुश रहें, खुश हो बीवी . 
 कमरा एक - तीन नंगे मर्द - तीन उनकी नंगी बीवियां - बीवियों की नज़र पराये मर्दों के  लन्ड पर -  मर्दों की नज़र परायी बीवियों की चूचियों पर उनकी चूत  पर -  तीनो मर्द दो दो परायी बीवियों को चोदने की सोच रहे है - तीनो बीवियां दो दो पराये मर्दों से चुदवाने के लिए उतावली हो रही है - 
तीनो मर्द इसी ताक में है की बस कोई पहल कर दे तो वे टूट पड़े परायी बीवियों  पर - तीनो बीवियां भी इसी ताक में है की कोई तो शुरू करे, वे तो गैर मर्दों के  लन्ड पकड़ने के लिए एकदम तैयार है . 
 कैसे हो गयी ये तीनो बीवियां नंगी ? कैसे हो गए तीनो मर्द नंगे ? कैसे इनके मन में एक दूसरे की बीवियां चोदने का प्लान बना  ? कैसे बीवियां एक दूसरे के मियां से चुदवाने के लिए उतावली हुई  ?
 यह सब जानने के लिए  आगे  पढ़िए   :-
 एक सवाल है दोस्तों, कौन ऐसा मर्द है जो परायी बीवियां चोदना  नहीं चाहता ? कौन ऐसी बीवी है जो पराये मर्दों से चुदवाना नहीं चाहती ? यह बात बिलकुल तय है की  दूसरों की  बीवियां देख कर मर्दों के लंड में  उथल पुथल होने लगती है . और पराये मर्दों को देख कर बीवियों की बुर में चुलबुलाहट होने लगती है . हां ये बात और है की कोई खुल कर नहीं कहता / नहीं कहती
.ऐसे ही तीन दोस्त थे अमर, अकबर और अन्थोनी और उनकी बीवियां मिसेस रूपा, मिसेस सलमा और मिसेस जेनिफर . तीनो के बीच में गहरी दोस्ती  थी . एक  के दूसरे के घर आना जाना, खाना  पीना, उठाना बैठना, शौपिंग करना आदि अक्सर  होता था . . शाम का समय था . सभी बैठ कर शराब का मज़ा ले रहे थे . उनकी बीवियां भी शराब पीने में आगे थी . ये तीनो कपल अक्सर एक साथ ही शराब पीते थे . पीते पीते बातें होने लगी . धीरे धीरे खुल कर बातें होने  लगी . 
एकाएक रूपा बोली :- यार हमने सुना है की आजकल लोग "बीवियों की अदला बदली" खूब करते है .
सलमा बोली  :- हां सुना मैंने भी है . एक तो मेरे घर में ही  जिकर कर रही थी . वो है मेरी नजमा आंटी . कह रही थी यार बड़ा मज़ा आता है . मुझसे उसने कहा की  तुम भी करके देखो न किसी दिन ?
 जेनिफर :- तो फिर बुला लो न उसे वह खुद आगे बढाकर सब बतला देगी ?
 रूपा :- बता क्या देगी ?  वो तो फिर करवा देगी न . मैं तो तैयार हूँ मुझे कोई आपत्ति नहीं है .
जेनिफर :- आपत्ति तो मुझे भी नहीं है . बस इन मर्दों से पूंछ लो न .
सलमा :- मर्द तो भोषड़ी वाले दूसरों की बीवियों पर लट्टू रहते ही है .
अकबर बोला :- हां हां और औरतें भी तो पराये मर्दों  से लसी रहती है .
 अन्थोनी :- औरतें तो ज्यादा हाथ बढ़ाती है गैर मर्दों की तरफ ?
सलमा :- हां मैं हाथ बढ़ाती हूँ तुम्हारी तरफ ? तो पकडाओ न मुझे  अपना ?
 सब लोग खिलखिला कर हंस पड़े .
 रूपा :-  अगर तुम सब लोग तैयार हो तो मैं एक प्लान बताती हूँ . मैं नजमा आंटी से बात करती हूँ . वो अगर बीवियों की अदला बदली की पार्टियों में जाती है तो उसे वो जगह जरुर मालूम होगी जहाँ ये सब होता है ? बस हम लोग वहीँ चले और अदला  बदली  करे .
 सब लोग इस बात पर राज़ी हो गए . रूपा ने फोन मिलाया और बात करने लगी .
रूपा :- नजमा  आंटी आदाब बोलती हूँ .
 नजमा :- हां रूपा बोलो क्या हाल चाल है ? तेरा हसबैंड कैसा है ?
नजमा :- आंटी, मैं सुना है की आप बीवियों की अदला बदली की पार्टी में जाती है ?
 नजमा :-  हां मैं जाती हूँ और सभी कपल के साथ अदला बदली  करती हूँ .
 रूपा :- बड़ा मज़ा आता होगा आंटी ?
 नजमा :- हां बिलकुल आता है ? अपने मियां  के सामने पराये मर्दों से चुदवाना बड़ा मजेदार होता है . और उससे भी ज्यादा मजे दार  होता है  जब हमारे मियां हमारे आगे परायी बीवियां चोदते है . मैंने तो एक दिन सलमा से कहा था की इसका भी एक बार मज़ा लो . एक बार चस्का लग जायेगा तो फिर हमेशा मज़ा आता रहेगा . पहले तुम सब लोग आपस में करो फिर मैं भी तुम सबके साथ करूंगी .
 रूपा :- तो फिर आंटी वो क्लब मुझे भी बताओ न प्लीज ?
 नजमा :- हाहा पता लिख लो . कल चली जाना तुम सब मैं उन्हें फोन कर दूँगी . वहां तुम्हे मिसेस   साजिया मेलेगी . वो सब इंतजाम कर देगी .
अब हम सबको बड़ा संतोष हुआ . और हम दूसरे दिन ६ लोग वहां पहुँच गए . पहले मिसेस  साजिया से मुलाक़ात की . उसने सारा प्रबंध कर दिया और कहा पहले आप तीन लोग आपस में बीवियां अदल बदल कर  एक दूसरे  को नंगी करो फिर मैं आगे बताती हूँ .
बस हम लोग सभी बैठ कर शराब पीने लगे . पीते पीते मैंने कहा :-   देखो हम ६ लोग है . तास के पत्ते निकालो . पान के १३  पत्ते ले लो . उन्हें फेंटो और एक एक बाँट दो . उसमे से जिसका  पत्ता सबसे छोटा होगा वो हारेगा . बस जो हारेगा - वो पकडे उतारेगा / जो हारेगी - वो कपडे उतारेगी . अगर  सबको मंजूर तो खेल शुरू किया जाये . सबने हां कर दी .
 इतने में अकबर बोला :- यार पहले हम सब मिलकर आपस की शर्म दूर कर ले . बिलकुल  बेशरम हो जाये एक दूसरे से तभी इस खेल का मज़ा आएगा ? 
अन्थोनी :- हां बिलकुल ठीक कहा आपने . मैं भी यही चाहता हूँ . इसलिए  अगर सभी बीवियां दो दो गालियाँ सुनाये और कुछ अश्लील बातें कर तो मज़ा आ जाये .  इस बात पर सब लोग  तैयार हो गए 
रूपा  :- तेरी माँ का भोषडा,  तेरी  बिटिया की बुर,  साले  कुत्ते कमीने . 
सलमा :- भोषड़ी के माँ के लौड़े, तेरी बहन की चूत, बेटी चोद .
जेनिफर :- तेरी बहन की बुर में लन्ड, तेरी गांड मारूंगी मैं . तेरी माँ चोदूंगी साले झांटू .
 सबने मज़ा लिया . अब तो बेशर्मी शुरू हो गयी . पत्ते बटने लगे .
 सबने अपने अपने पत्ते खोले तो सबसे छोटा पत्ता सलमा का निकला . अब सलमा एक एक करके अपने कपडे उतारने लगी . थोड़ी देर में उसकी ब्रा और चड्ढी रह गयी . उसकी बड़ी बड़ी चूचियां झाँकने लगी . उसकी मोटी मोटी जांघें बड़ी सेक्सी लग रही थी . उसने जैसे ही ब्रा खोली तो बड़ी बड़ी चूचियां खुल कर सामने आ गयी . सलमा को नंगी देख कर अन्थोनी और अमर के  लन्ड  टन्ना उठे .अन्थोनी बोला यार अकबर तेरी बीवी तो  बला की खूबसूरत है . अमर ने कहा हां असली मज़ा तो आएगा इसे  चोदने में ?
 दूसरी बार में अन्थोनी हार गया . वह कपडे उतारने लगा . आखिर में जब उसका  लन्ड बाहर आया तो सबने  तालियाँ बजाई . रूपा बोली वाओ, बड़ा सेक्सी  लन्ड है यार ? सलमा बोली हां यार मेरी तो चूत मादर चोद गरम हो गयी .
 तीसरी बार अकबर हार गया . उसने कपडे उतारा . उसका कटा  लन्ड आधा खड़ा था . उसका सुपाड़ा बिलकुल बाहर था .  सबने फिर तालियाँ बजाई . रूपा बोली वाह वाह क्या चमक दार  लन्ड है  ? यह है शहंशाह अकबर का लौड़ा ? जेनिफर बोली  ओ' माई गाड सच ये बिग  लन्ड ? हाउ स्वीट इट  इज ?  आई विल  सक थिस  लन्ड ?  
चौथी बार जेनिफर हार गयी . उसकी जब  गोरी गोरी चूत और चूचियां खुली तो सबने जोर से तालियाँ बजाई और अमर बोला वाह क्या मस्त  चूत है भाभी की . अकबर बोला यार देखो न मेरा लौड़ा साला कैसे  टन  टना रहा है ?
 पांचवी बार रूपा हार गयी . वह जब नंगी हुई तो सबको मज़ा आ गया . उसकी मस्त गांड देखने लायक थी . अकबर बोला यार मेरा तो  लन्ड आपे से बाहर हो रहा है . अन्थोनी  ने कहा हां यार रूपा भाभी इतनी सेक्स होगी मुझे आज पता चला . 
और आखिर में अमर नंगा हो गया . उसका  भी  लन्ड परायी बीवियों की नागी देख कर खड़ा हो गया . सलमा बोली हाय रे कितना मोटा है इसका  लन्ड ? जेनिफर बोली यार इसका  लन्ड मेरी चूत में चिपक कर घुसेगा . अब ३ कपल और ६ लोग एकदम नंगे खड़े थे .
 इतने में कमरे में एक लड़की एकदम नंगी अपने एक हाथ में एक बड़ा सा  लन्ड  पकडे हुए आयी . उसने कहा मेरा नाम है स्वाति और ये है मेरे  हसबैंड  सावन .  मैं  एक एक करके तुम तीनो के  लन्ड पकडती हूँ तुम तीनो बीवियां एक एक करके मेरे हसबैंड का  लन्ड पकड़ो . चूसो चाटो और हिलाओ . चोदा चोदी उसके बाद .स्वाति सबके  लन्ड चाट कर चली गयी . सब बीवियों ने सावन का  लन्ड चाट कर मज़ा  लिया . जाते जाते उसने कहा अब तुम लोग एक दूसरे की बीवियां  चोदो . 
अमर सलमा की तरफ बढ़ा और उसको अपनी बाहों में ले लिया . सलमा का हाथ  फ़ौरन अमर के  लन्ड पर चला गया .  अकबर ने जेनिफर को अपनी  तरफ घसीटा जेनिफर अकबर का  लन्ड सहलाने लगी .  अन्थोनी रूपा की ओर  लपका और उसकी चूचियां धर दबोची रूपा के हाथ में आ गया अन्थोनी का  लन्ड . वह झुक कर  लन्ड चाटने लगी . तीनो बीवियां दूसरे के मियां का  लन्ड चाटने में जुट गयी . तीनो  लन्ड  टन्ना कर खड़े थे . तीनो मर्दों को परायी बीवियों से  लन्ड चट्वाकर मज़ा आने लगा 
. तीनो बीवियां यह भी देख रही थी की उनके हसबैंड का लंड दूसरी बीवी कैसे चाटती है ? कैसे पीती है लंड ?  पर एक बात सच बात सच है की तीनो लंड बड़े जोर से  टन  टना  गए थे  
रूपा बोली :- यार सलमा मुझे लगता  है की मेरे हसबैंड का लंड तेरे हाथ में आते ही आधा इंच बढ़ गया है . सलमा बोली :- हां यार मैं भी देख रही हूँ की मेरे मियां का लंड जेनिफर के हाथ में जाकर ज्यादा बढ़ गया है . जेनिफर बोली :- यार रूपा तेरे हाथ में मेरे मियां का लौड़ा है न ? साला मेरे हाथ में इतना बड़ा नहीं होता है लंड जितना बड़ा तेरे पास जाकर हो गया है .  
अकबर जेनिफर की लिटा  कर उसके ऊपर चढ़ बैठा और गचागच चोदने लगा . जेनिफर पराये मर्द से चुदाने का मज़ा लेने लगी . उसके सामने अमर के लंड पर   बैठी थी सलमा और भकाभक लंड चोद  रही थी . उसके बगल में रूपा अन्थोनी से  फचाफाच  चुदवाने में  लगी थी . अब तीनो को आने  लगा परायी बीवियों की  चूत चोदने का मज़ा 
 थोड़ी देर में पार्टनर बदल गए . अब रूपा ने चुपके से हाथ बढाकर अकबर का लंड अपनी बुर में पेला . उसे नए लंड का मज़ा बड़ा अच्छा लगा . उसको देख कर सलमा ने अन्थोनी का लंड अपने कब्जे में कर लिया और गप्प से उसके लंड पर बैठ   गयी . सलमा  कुछ ज्यादा ही मज़ा ले रही थी . उधर जेनिफर ने अमर का लंड पकड़  कर अपनी बुर में पेला . तीनो जोड़े एक दूसरे के पति से और एक दूसरे की बीवी चोद कर मज़ा ले रहे थे . इस समय तीनो मर्द  सारी दुनिया  भूल कर अपने दोस्तों  की बीवियों को चोदने में मस्त थे . तीनो बीवियों ने पराये मर्दों के  झड़ते  हुए लंड चाटे .
 इतने में नजमा आंटी आ गयी . उनके पीछे तीन और कपल वो भी एक दम .नंगे  इधर की तीनो बीवियां उधर के तीनो लंड देखने लगी . और उधर की बीवियां इधर के लंड ? उसी तरह इधर के मर्द उधर की बीवियों की चूत और चूचियां यां देखने लगे और  उधर के मर्द इधर की बीवियों की चूतड और चूचियां .
 इतने में नजमा आंटी बोली :- अब सलमा, जेनिफर और रूपा इन तीन नए मर्दों से  अदल बदल कर चुदवायेंगी . और इनके सामने इधर की तीनो बीवियों को अमर, अकबर और अन्थोनी अदल बदल कर चोदेंगे
यानी मियां चोदे इधर - बीवी चुदाये उधर ? 
 =0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0= समाप्त

इतना बड़ा बहन चोद, लण्ड ?

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फ़ोन पर सेक्स की बातें

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अंग-प्रदर्शन...एक कला!


अपनी शान में मर्दों के लंड खड़े करवाने के कुछ नुस्खे





* All pictures in this article taken from the internet. Credit goes to the original posters.

प्रत्येक स्त्री चाहती है कि वह सुन्दर दिखे , हर ओर उसके रूप-यौवन की चर्चा हो , पुरुष उसे ललचाई नज़रों से देखें और अन्य महिलाएं ईर्ष्या से ...इसके लिए वह सौंदर्य प्रसाधनों पर तो बहुत पैसा खर्च करती है परन्तु यह जानते हुए भी कि उसका असली आकर्षण उसकी देह है वह उसका प्रदर्शन करने में हिचकिचाती है
इसका प्रमुख कारण है कि हमारे समाज में कामुकता को अच्छी नज़र से नहीं देखा जाता .. चारों ओर व्याप्त भ्रष्टाचार , मानसिक और आर्थिक शोषण को तो हमने जीवन का अंग मान लिया है पर किसी ने सेक्स की इच्छा जताई नहीं कि उसके चरित्र पर उँगलियाँ उठने लगती हैं ... जबकि हकीकत यह है कि यौनेच्छा एक नैसर्गिक भावना है ... उसे प्रकट करने में संकोच क्यों ? ...महिलाओं के सामने प्रश्न यह रहता है कि किस प्रकार मन की इच्छा भी पूरी हो जाये और इस पाखण्डी समाज में भी उनका सम्मान बना रहे
इसका दूसरा कारण है अपनी शारीरिक सुन्दरता को लेकर आत्मविश्वास की कमी ... आत्मविश्वास बढ़े भी तो कैसे ? ... महिलाओं के पास ना तो पुरुष की नज़र होती है और ना ही 'लंड' ... मर्द का लंड किसी स्त्री के यौनाकर्षण को मापने का सबसे सटीक यन्त्र है ...'माल' दिखते ही साला टन्न खड़ा हो जाता है .... आश्चर्य की बात है कि जिन पुरुषों को महिलायों के समक्ष अभद्र भाषा का प्रयोग करने में ज़रा भी संकोच नहीं होता वे भी उनके शरीर की प्रशंसा करते हुए हकलाने लगते हैं...और अगर कभी करें भी तो वह तारीफ़ कम चापलूसी ज्यादा लगती है...अतः उन्हें अपनी उन सहेलियों की राय पर निर्भर रहना पड़ता है जो खुद नारी होने की वजह से इस बारे में सिर्फ अंदाज़ा ही लगा सकती हैं...रही सही कसर टीवी और फिल्में पूरा कर देती हैं जो डेढ़-पसली की स्त्रियों को सेक्सी कहकर पेश करती हैं ... उन्हें देखकर तो ऐसा लगता है मानो किसी अकाल पीड़ित क्षेत्र से आ रही हों ... दुर्भाग्यवश आजकल नवयुवतियां उन्हें ही अपना आदर्श मान बैठती हैं

एक भारतीय पुरूष होने के नाते मैं यह कह सकता हूँ कि हमें नारी का भरा-पूरा शरीर ही आकर्षित करता है .इसलिए अगर आपको लगता है कि आपकी कमर का वो बल या आपकी मोटी जांघें और भारी नितम्ब कोई खामी हैं तो आप ग़लत सोचती हैं .वही तो हम देखना चाहते हैं ... अगर पुरुषों जैसा कसरती बदन ही देखना हो तो दर्पण के सामने नंगे खड़े होकर खुद को ना देखें ?
एक स्वस्थ शरीर ही सुंदर शरीर है, इसलिए अपने स्वास्थ्य की अच्छी देखभाल कीजिये... जहाँ तक हो सके मैदे से बनी  वस्तुओं और शीतल पेय के सेवन से बचिए ..पौष्टिक आहार , व्यायाम , नियमित दिनचर्या से आपका शरीर सुडौल बनेगा... अगर आप स्वस्थ रहेंगी तो आपका मन भी चुदवाने को करेगा और आपके साथी को भी आपको चोदने में मज़ा आएगा ....इतना कि वह आपका दिवाना बन जायेगा.
यहाँ यह बताना ज़रूरी है कि सिर्फ़ सुंदर शरीर ही आपको सेक्सी नहीं बनाता....शारीरिक स्वच्छता भी अत्यंत महत्वपूर्ण है ...इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखिये कि आपके मुँह से दुर्गन्ध ना आती हो ...आपके कान और नाखून साफ़ हों

वैसे तो महिलाएं स्वभाव से ही चंचल होती हैं ... उन्हें यह सिखाने की ज़रुरत नहीं पड़ती कि पुरुषों को कैसे उकसाया जाता है किन्तु छेड़-छाड़ के कुछ शारीरिक पहलू ऐसे हैं जिन्हें नारी होने के कारण उनके लिए समझ पाना थोड़ा मुश्किल है ... क्यों ? ... कहा ना... उनके पास ज़रा-ज़रा सी बात पर तन जाने वाला लोड़ा नहीं होता
इसलिए नारी सौंदर्य और यौनाकर्षण के बारे में उनकी धारणा पत्रिकाएं और फिल्में देखकर ही बनती हैं ... किन्तु आजकल की फिल्मों में नारी को जिस अंदाज़ में पेश किया जाता है उसे देखकर उत्तेजना कम रोना अधिक आता है ... हास्यास्पद वेशभूषा और चेहरे पर एक जैसे भाव ... मानो एक ही फैक्ट्री से बनकर आ रही हों ...अब उन्हें कौन समझाए कि महज छोटे-छोटे कपड़े पहनने से कोई सेक्सी नहीं बन जाता ... बल्कि मेरा तो यह मानना है कि छोटे कपड़े आपके जिस्म की खूबसूरती से ज्यादा उसकी कमियों को उजागर करते हैं ... अंग-प्रदर्शन तो ऐसा होना चाहिए कि आपके तन की एक झलक पाकर ही पुरुष वासना की दलदल में फंसकर दिन रात बस आपको नंगा करने के ही ख़्वाब देखने लगे ... अगर पहले ही सब कुछ दिखा दिया तो फिर बचा क्या ? ... एक दौर वह था जब अभिनेत्रियाँ सिर्फ अपना आँचल ढलकाती थीं तो लंड पैंट फाड़कर बाहर आ जाया करता था

इस लेख में मैंने यौनाकर्षण (sex appeal) के विषय में नारी मन की कुछ भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया है
जो महिलाएं अंग-प्रदर्शन की कला में माहिर होना चाहती हैं उनके लिए कुछ सुझाव पेश कर रहा हूँ -

अंग-प्रदर्शन एक दुधारी तलवार है ... जहाँ एक ओर यह आपके तन की खूबसूरती को उभारकर आपको पुरुषों की नज़रों  में चढ़ाता है वहीं अपनी कमजोरियों को ध्यान में न रखकर किया गया प्रदर्शन आपको हँसी का पात्र भी बना सकता है ... इसलिए अपना जिस्म दिखाने से पहले उसकी खूबियों को अच्छी तरह जान लें

अगर आपकी बाहें और टांगें पतली हैं तो भूल कर भी छोटे तंग कपड़े मत पहनिए ... अंग-प्रदर्शन करने की सोचने से पहले अपना वज़न बढ़ाइये ... तब तक सही माप के कपड़े पहनिए ... ना ज्यादा तंग और ना ज्यादा ढीले

(a) बाहें -

ना जाने आपको यह मालूम भी है या नहीं ... आपकी चिकनी बाहें,कलाइयाँ और लम्बी उँगलियाँ देखकर हमारे दिल की धड़कन बढ़ जाती है ... और बगलों की तो पूछिए मत ... मिले तो चाट जाऊँ ... उसे दिखाने का एक तरीका यह है कि स्लीवलेस ड्रेस पहनकर बीच-बीच में अपने हाथों से अपने बाल सँवारिये ... इससे सामने बैठे पुरुष को आपकी बगल की झलक मिलती रहेगी ... बगल की त्वचा चूत की त्वचा के समान ही प्रतीत होती है जिसके दर्शन होते ही उसकी पैंट में खलबली मच जायेगी .






(b) टांगें -

हर पुरूष आपके पैरों के अंगूठों को चूसने ... आपकी चिकनी सुडौल पिंडलियों और मांसल जाँघों को चूमने का ख्वाब देखता है ... पेडिक्योर किये हुए पैर और लाल नेल-पौलिश लगे नाखून देखकर हम अपनी सुध-बुध खो बैठते हैं

चिकनी-चुपड़ी टाँगे...कोई इन्हें चाटे बगैर कैसे रह सकता है...



क्या आप जानती हैं कि अपनी टांगों की नुमाइश कैसे की जाती है ? ऐसी ड्रेस पहनें जो आपके बैठने पर घुटनों से ज़रा ऊपर तक उठ जाए ... जैसे कि केप्री या मिडी . फिर कुर्सी पर एक टांग पर दूसरी टांग चढ़ाकर इस प्रकार बैठिये कि आपकी आगे वाली पिंडली पर पिछले पैर का दबाव पड़े



...अगर आप फर्श पर हों तो इस तरह बैठें कि सामने बैठा पुरूष आपके घुटने और जाँघों से सटी पिंडलियाँ साफ़ देख सके .... उस वक्त पिंडलियों को चबा जाने का मन करता है



उसे ललचाने के लिए कुछ ऐसा पहनिए जो आपकी जाँघों से चिपक जाए ... जैसे कोई प्लेन सलवार .. फिर पहले की ही भांति टांग पर टांग चढ़ाकर बैठिये...कुर्ते के साइड स्लिट में से सलवार में लिपटी आपकी जाँघों की झलक उसे पागल कर देगी



अगर आप थोड़ी और बेशर्म हो सकती हैं तो छोटी स्कर्ट पहनकर टांग पर टांग चढ़ाकर इस प्रकार बैठिये जिससे उसे आपकी जाँघ के बाहरी मांसल भाग का नज़ारा मिल सके ...ठीक उस तरह जैसे फ़िल्म अवार्ड समारोह में अभिनेत्रियाँ बैठती हैं ...पर जैसा मैंने पहले कहा ,अंग-प्रदर्शन तब अधिक प्रभावी होता है जब वह मर्द को और अधिक देखने के लिए बेकरार करे न कि पहले ही सब कुछ दिखा दे



टांगों का पिछला भाग तो बेहद कामोत्तेजक होता है. घुटनों तक की स्कर्ट पहनकर ,नल से पानी पीने या अपने शूलेस बांधने के बहाने ,कमर से झुक जाइए .आपकी सुडौल पिंडलियों और जाँघों के पिछले भाग को देखकर पीछे खड़े युवक का कुछ और भी खड़ा हो जायेगा ...ऐसी सुडौल टांगों को तो नोच कर खा जाने की इच्छा होती है ....पर ध्यान रहे कि कहीं वह चुपके से आकर आपकी स्कर्ट पूरी ऊपर ना उठा दे
अगली बार जब स्कर्ट पहनकर आप सीढ़ियाँ चढ़ें तो पीछे मुड़कर न देखें ..बहुत से युवक आपकी पैंटी का रंग जानने के लिए उत्सुक हैं ...उन्हें भी तो कुछ मज़ा लेने दीजिये ... नीचे से आपकी चिकनी गोरी टांगें संगमरमर के स्तंभों सी प्रतीत होती हैं



शर्मीले स्वभाव की महिलाओं को यह जाल बिछाना चाहिए ...ऐसे कमरे में लेटकर सोने का नाटक कीजिये जहाँ पुरुष का आना-जाना हो ...अपने कपड़ों को अस्त-व्यस्त होने दें ... घुटनों तक उठी साड़ी ,ऊपरी हुक खुला ब्लाउज ....संभावनाएं बहुत हैं ... कोई आश्चर्य की बात नहीं अगर वह दबे पाँव आकर आपको चूम भी ले ... आखिर सुप्त-सौंदर्य को निहारने का मौका रोज़-रोज़ थोड़े ही मिलता है

...सोने का तो सिर्फ बहाना है ... इन्हें तो हमारा लंड खड़ा करवाना है ...


(c) नाभि -

क्या आपने कभी सोचा है कि फ़िल्म अभिनेत्रियाँ अपनी साड़ी नाभि से नीचे ही क्यों बांधती हैं ? .. ज़ाहिर है अब चूत तो दिखा नहीं सकतीं इसलिए उसकी 'छोटी बहन' के दर्शन कराकर ही वाहवाही लूट लेती हैं ... किसी स्त्री की गहरी नाभि देखकर मन में उसे चूमने की तीव्र इच्छा उत्पन्न होती है




....सौभाग्य से आजकल का फैशन महिलाओं को अपनी नाभि का प्रदर्शन करने के पर्याप्त अवसर प्रदान करता है . ...ऐसा टॉप पहनिए जो सामान्य स्थिति में खड़ी रहने पर तो आपकी नाभि को ढके रहे किंतु जैसे ही आप अपनी बाहें ऊपर करें आपकी नाभि भी बेपर्दा हो जाए...फिर किसी पुरूष की उपस्थिति में अलमारी के ऊपरी शेल्फ से कुछ निकालने का नाटक कीजिये...उसे अपनी आँखों से आपकी नाभि के आसपास की कोमल त्वचा का जी भरकर रसपान करने दीजिये ...अगर वह बिल्कुल पास ही बैठा हो तो उसे ज्यादा मज़ा आएगा ...यह तरकीब पुस्तकालय और बसों में बहुत कारगर सिद्ध होती है ,जहाँ या तो आपको कोई पुस्तक निकालनी पड़ती है या अपना संतुलन बनाये रखने के लिए डन्डा पकड़ना पड़ता है ....ये बात और है कि आपकी इस हरकत के बाद कई ' डंडे ' आपके हाथ में आने को मचल उठते हैं
...कई बार मैंने लड़कियों को अपनी कमर ढकने के लिए टॉप को नीचे खींचते हुए देखा है ...बहुत अजीब लगता है....या तो ऐसे कपड़े पहनिये मत और अगर पहनती हैं तो बिल्कुल बिंदास होकर पहनिये ...पता नहीं आप ऐसा क्यों करती हैं ?...आपको तो अपने गदराये जिस्म पर नाज़ होना चाहिए ...मैं पहले भी कह चुका हूँ कि क्या पता जिसे आप अपनी कमज़ोरी समझती हैं वही आपकी शान हो.



...कभी सिर्फ़ ब्लाउज और पेटीकोट में किसी अपरिचित पुरुष के सामने आकर देखना ... उसके मुँह से कैसे लार टपकती है ...अगर जूते पड़ने का डर ना हो तो ऐसी औरतों को मैं वहीं नंगा करके चोद दूँ .



(d) वक्ष -

यह किसी से छुपा नहीं है कि स्त्री के उन्नत वक्ष पुरुषों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं .लेकिन शायद आप यह नहीं जानती होंगी कि पूरे मोम्मे देखने से ज्यादा मज़ा उनके बीच की गहरी दरार को देखकर आता है .अगर आप चाहती हैं कि आपके स्तन आकर्षण का केन्द्र बनें तो सही माप की ब्रा पहनें ...बहुत सी महिलाएं ग़लत माप की ब्रा पहनती हैं ...फलस्वरूप उनके स्तन या तो उन तकियों के समान प्रतीत होते हैं जिनमें ज़रूरत से ज़्यादा रुई भर दी गई हो या फ़िर इधर-उधर भागते पानी से भरे गुब्बारों की तरह ... सही साइज़ की ब्रा वह होती है जो आपके स्तनों को सही स्थिति में रखने के साथ-साथ उनके प्राकृतिक उछाल को भी बरकरार रखे

यहाँ वे महिलाएं फायदे में रहती हैं जो अक्सर साड़ी पहनती हैं ...जब चाहा आँचल गिराकर मर्द पर अपना जादू चला दिया....कितनी ही बार यह बिजली मुझपर भी गिरी है ...पर अब भी और देखने की चाहत रहती है....उन कोमल उभारों के बीच की वह गहरी घाटी भुलाये नहीं भूलती



..पर सलवार कमीज़ और टॉप में रहने वाली औरतें भी निराश ना हों .आपकी ब्रा की ही तरह आपका कुर्ता या टॉप ना तो ज्यादा तंग हो ना ज्यादा ढीला ...फिर क्या है...मर्द को पानी देने के बहाने झुक जाइए ... आपके मोम्मों पर नज़र अटकने के बाद बेचारे को पानी की ज्यादा ज़रूरत पड़ेगी ....वैसे सही माप की कमीज़ में बाहर से देखने पर भी आपके बूब्स कुछ कम आकर्षक नहीं लगते...दबाने का मन करता है

'काम' में व्यस्त



अगर आपने टॉप पहना है तो पुरुष के बिल्कुल नज़दीक जाकर खड़े हो जाइए ...खासकर उस वक्त जब वह बैठा हो...इस तरह आपके मोम्मे उसकी आँखों के ठीक सामने होंगे ....फ़िर अपना सिर दूसरी दिशा में घुमाकर कुछ देखने लग जाइये...ऐसा करने से वह आपके मोम्मों को बेझिझक निहार सकेगा...उन रसीले आमों को अपने मुँह में लेने से हम पुरुष अपने आप को कैसे रोकते हैं आप महिलाएं कभी नहीं समझ सकती



(e) पीठ -

किसी को यह बताने की ज़रूरत नहीं कि नाभि से नीचे बंधी साड़ी में औरत कितनी मादक लगती है...ऊपर से लो बैक ब्लाउज में से झाँकती आपकी नंगी गठीली पीठ और बलखाती कमर ...कोई कैसे न मर मिटे



(f) नितम्ब -

स्त्री के नितम्ब उसके उरोजों से भी अधिक कामोत्तेजक होते हैं ...कभी ध्यान से देखना कि सामने से गुज़रती किसी गज गामिनी को देखकर मर्दों के सिर कैसे घूमते हैं ...जब औरत अपने कूल्हे मटका-मटकाकर चलती है तो किस आदमी की नीयत ख़राब नहीं होती ?
आपकी चौड़ी तगड़ी गांड मर्दों को बिस्तर पर कुश्ती लड़ने की चुनौती देती है ...मानो कह रही हो कि आओ देखूँ तुममें कितना दम है



...टाइट जींस या सलवार में आपके उभरे हुए नितम्ब देखकर उन्हें तबले की तरह बजाने का दिल करता है



कुछ स्त्रियों की चाल तो इतनी मस्त होती है कि नज़र शिफॉन की साड़ी में लिपटे उनके मांसल नितम्बों पर ही अटककर रह जाती है ...और कुछ देखने का होश ही नहीं रहता... कभी-कभी आपकी पैंट के बाहर से दिखती पैंटी लाइन भी बहुत उत्तेजना पैदा करती है



अब जब अंग-वस्त्रों की बात चल ही पड़ी है तो क्या आपने कभी सोचा है कि स्त्री के अंग-वस्त्रों में इतनी विविधता क्यों उपलब्ध रहती है ?...उन्हें देखकर हमारे मन में कामुकता जो जागती है ... अपने अंग-वस्त्र ऐसे स्थान पर रखिये जहाँ पुरुष की नज़र उनपर पड़ सके ...जैसे स्नानघर ,खुली अलमारी इत्यादि ...बेहतर तो यह होगा कि बड़ी मासूमियत से आप उससे ही धूप में सूख रहे अपने अंग-वस्त्रों को भीतर लाने के लिए कहें ...उसकी तो मानो लॉटरी लग जायेगी...मुझे तो अपने चेहरे पर औरतों की कोमल पैंटी की रगड़ बहुत आनंद देती है



लेकिन अपनी गांड के जलवे दिखाने के लिए सलवार से बढ़कर कुछ नहीं है ..उसका महीन कपड़ा नितम्बों से सट जाने पर देखने वाले को त्वचा का सा आभास देता है ..सलवार कमीज़ पहने कोई महिला जब दुपहिया वाहन के पीछे वाली सीट पर टांग पर टांग चढ़ाकर बैठती है तो उसके कुर्ते की साइड स्लिट में से उसकी जांघ का पिछला भाग साफ़ दिखाई देता है .....उसका तो कुछ नहीं बिगड़ता पर हम जैसे ठरकी टकराते-टकराते बचते हैं



एक आम तरकीब है...पुरूष की ओर पीठ करके अपने पंजों के बल फ़र्श पर बैठ जाइए ....फिर ज़मीन को छू रहे अपने कुर्ते के पिछले भाग को उठाकर पलट दीजिये...कहीं मैला ना हो जाए ...पतली सी सलवार से ढका आपका 'चबूतरा' देखकर अच्छे-अच्छों का ईमान डोल जाता है....



अगर आप पलंग पर उसकी ओर पैर करके लेटी हैं तो अपना एक घुटना मोड़कर दूसरी टांग उसपर चढ़ा लें ... औरतों को इस मुद्रा में देखकर ऐसा लगता है मानो कह रही हों कि आकर मेरी गांड चाटो ना... ओह !


(g) चूत -

वैसे तो बिना बिकिनी पहने चूत का उभार दिखाना बहुत मुश्किल है ...पर कुछ स्पोर्ट्स-वीअर और ट्रैक-सूट इतने तंग होते हैं कि हल्का सा उभार तो नज़र आ ही जाता है....जी करता है नन्ही सी चूत को चूम लूँ ...




यदि आप रोमांच का शिखर छूना चाहती हैं तो इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता... कपड़े बदलने या स्नान करने के लिए जानबूझकर ऐसी जगह चुनिए जहाँ कोई पुरुष चोरी-छिपे आपको उस नग्न अवस्था में देख सके... कहना व्यर्थ होगा कि बहुत कम पुरुष ऐसे मौकों को हाथ से जाने देते हैं ... जब आपको इसका यकीन हो जाए कि दरवाज़े या खिड़की के छिद्रों से दो प्यासी आँखें आपको निहार रही हैं तो बेधड़क होकर अपने नंगे शरीर के साथ खेलिए ... आपको ऐसा करते देख उसका क्या हाल होगा आप अंदाजा भी नहीं लगा सकती ... उस दृश्य की कल्पना मात्र से ही मेरा लंड फड़क उठता है

आप सोच रही होंगी कि क्या ऐसा करते आपको शर्म नहीं आएगी ... तो शर्माना कैसा ? वह कैसे जान पायेगा कि आपको पता है वह आपको देख रहा है ... अनजान बनकर आप बेशर्मी का वह नंगा नाच कर सकती हैं जैसा करने का आपने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा

बाहर से इतनी शांत दिखने वाली महिला अन्दर से इतनी गर्म ! ... ऐसी औरत के आगे अश्लील फिल्मों की नायिकाएँ भी ठंडी लगती हैं




विशेष -

शायद यह पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव है जिसने स्त्री सौंदर्य के मापदंड ही बदल दिए हैं...पर चाहे आप प्राचीन यूरोपीय सभ्यताओं को लें या कामसूत्र को ,हर जगह उभारों से परिपूर्ण ,मांसल ,गदराये जिस्म को ही नारी सौंदर्य का पर्याय माना गया है .

KAMASUTRA'S SEXY WOMEN

According to Kamasutra, some of the attributes of sexy women are as follows:

1 Women should have long braided hair so that it will touch their ass cheeks

2 Women wearing sarees should definitely show their round and deep belly buttons

3 Women's tits should be shaped conical and erect resembling gopura kalasams

4 Women's buttocks should be big and round resembling the pot in veena

5 Women should walk sensually like ducks



हो सकता है कि अधिकांश पुरुषों को नारी का गोरा रंग ही भाता हो पर मुझे तो साँवले रंग की स्त्रियाँ अधिक आकर्षक लगती हैं ...शायद ऐसा इसलिए क्योंकि गोरे रंग को अक्सर कोमलता व मासूमियत से जोड़कर देखा जाता है ... पर औरत तो जितनी अश्लील हो उसके साथ उतना ही ज्यादा मज़ा आता है .

एक तो इतना सेक्सी चेहरा ऊपर से यह गदराया जिस्म ...



अधिकतर विवाहित और अधेड़ उम्र की महिलायें इस भावना से ग्रस्त रहती हैं कि अब वह पहले की तरह आकर्षक नहीं रहीं ... अपने पुरुष साथी द्वारा अपनी उपेक्षा से उनकी इस गलत धारणा को बल मिलता है... परन्तु उन्हें यह समझना चाहिए कि समय के साथ किसी व्यक्ति के प्रति यौनाकर्षण में कमी आना स्वाभाविक है.... इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें देखकर पराये मर्दों के लंड भी खड़े नहीं होते... सच तो यह है कि पुरुष के संपर्क में आने के बाद महिलायें और मस्त हो जाती हैं

.... इन्हें देखिये



मैंने बेहद सेक्सी महिलाओं के आत्मविश्वास में सिर्फ इस कारण कमी आते देखी है कि उन्हें अंग्रेजी भाषा का ज्ञान नहीं होता या फिर उनकी आर्थिक स्थिति कमज़ोर होती है...इतिहास इस बात का साक्षी है कि नारी के यौनाकर्षण के आगे बड़े-बड़े ज्ञानी और धनवान पुरुष भी नतमस्तक हो जाते हैं इसलिए बेझिझक होकर अपने हुस्न के जलवे बिखेरिये....



मुझे यह बात हैरान करती है कि मोटी महिलायें ऐसा क्यों सोचती हैं कि वे सेक्सी नहीं लग सकती ... शायद इसका कारण लोगों के वह ताने हैं जिसके फलस्वरूप उनके आत्मविश्वास में कमी आ जाती है ... पर वह यह भूल जाती हैं कि बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद ?

... ऐसी महिलाओं से मैं पूछना चाहूँगा कि क्या उन्होंने यह महसूस नहीं किया कि उनके मांसल शरीर को देखकर हमारी लार कैसे टपकती है ? ... उन्हें यह अच्छी तरह जान लेना चाहिए कि अगर अपने वजन के कारण उन्हें स्वास्थ्य सम्बंधित कोई शिकायत नहीं है तो उनका मोटापा उनके यौनाकर्षण को बढ़ाता ही है .



अब आप ही बताइए कि क्या छरहरी काया किसी पुरुष के भीतर ऐसी कामाग्नि भड़का सकती है ? .... सवाल ही पैदा नहीं होता ...
इसलिए अपने मोटापे को लेकर कभी हीन-भावना न पालें ... आप क्या समझो कि आपको देखकर हमारा लोड़ा कैसे तन जाता है ...

अपने चेहरे की सुन्दरता को लेकर भी बहुत सी महिलाएं गलतफहमी का शिकार रहती हैं ... उनके लिए यह समझना कठिन है कि एक खूबसूरत चेहरे और एक सेक्सी चेहरे में बहुत फर्क होता है ... खूबसूरत चेहरे पुरुषों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित तो करते हैं पर उनकी यौन-पिपासा को जागृत नहीं कर पाते

क्या इन चेहरों को देखकर आपके मन में कामुक विचार आ रहे हैं ?... नहीं ना



वहीं दूसरी ओर किसी सेक्सी चेहरे को देखकर हमारी पैंट में छुपा 'शैतान' फ़ौरन जाग उठता है ... बहुत से पुरुष मेरी इस बात से सहमत होंगे कि अगर औरत का चेहरा सेक्सी है तो फिर उसकी शारीरिक संरचना भी अधिक मायने नहीं रखती ... मेरा तो यहाँ तक मानना है कि एक सेक्सी चेहरे वाली महिला ही ' चुदक्कड़ ' कहलाने की सही हकदार होती है 

... ज़रा इन चेहरों पर नज़र डालिए ... इन्हें कहीं से भी खूबसूरत नहीं कहा जा सकता ... पर क्या ऐसा नहीं लगता कि मानो ये किसी पुरुष की बोटी-बोटी तक नोच डालने को आतुर हों ? चेहरे का यही भाव नारी के यौनाकर्षण को चरमोत्कर्ष प्रदान करता है ... आपने न जाने कितनी बार फिल्म अभिनेत्रियों को अपने चेहरे पर इसी भाव को लाने का प्रयास करते हुए देखा होगा ... पर वे इतना भी नहीं जानती कि सेक्सी चेहरा तो कुदरत की देन होता है ... उसकी नक़ल नहीं की जा सकती


अंग-प्रदर्शन का सिद्धान्त -

मनुष्य का यह स्वभाव है कि जो वस्तु आसानी से उपलब्ध हो उसमें उसकी रूचि नहीं रहती... यही कारण है कि हर समय छोटे कपड़ों में रहने वाली युवतियों में पुरुषों की दिलचस्पी शीघ्र ही कम हो जाती है... एक पुरुष को यह बात रोमांचित करती है कि उसे वह देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जिसकी दूसरे मर्द केवल कल्पना ही कर सकते  हैं...अंग-प्रदर्शन का अर्थ छोटे कपड़ों में सब कुछ दिखाना नहीं बल्कि पूरे कपड़ों में बहुत कुछ दिखाना है ...और यह कैसे किया जाता है , अब यह आपसे बेहतर कोई नहीं जानता
अंग-प्रदर्शन में मौलिकता की तो बात ही कुछ और होती है ...वह स्वाभाविक लगना चाहिए....पुरुष को इसका तनिक भी एहसास ना हो कि यह सब आप जानबूझकर कर रही हैं ...ऐसा व्यवहार करें मानो आप इस बात से अनभिज्ञ हो कि आपकी हरकतों का उसपर क्या असर हो रहा है..चाहे आप उसे पैंट के बाहर से अपने फड़कते लंड को संभालते ही क्यों ना देख लें ... उसे यह सोचकर परेशान होने दीजिये कि आपके दिमाग में क्या चल रहा है ...उसकी इस उलझन का मज़ा लीजिये

मैं ख़ुद महिलाओं के सामने इस तरह की हरकतें करता रहता हूँ ...उनकी मुस्कान बताती है कि वे भी इसका भरपूर मज़ा लेती हैं

आपकी शरारतें हमेशा पुरुषों का ध्यान आकर्षित करेंगी ...उनकी पारखी नज़रों से कुछ नहीं छुपता...कई बार मर्द का चेहरा देखने से आपको उसकी दशा का पता भी नहीं चलेगा...मगर उसके अंडरवियर में झाँक कर देखिये ...कुश्ती के लिए 'पहलवान' तैयार मिलेगा

... क्या आपको अब भी लगता है कि आपके रूप और यौवन को कोई नहीं निहारता ? ... यही तो वह दृश्य हैं जो मर्दों के होश उड़ा देते हैं...



सार -

मेरा सभी महिलाओं से अनुरोध है कि अंग-प्रदर्शन को नैतिकता का प्रश्न ना बनायें ... दुनिया के ढोंग के पीछे का सच यही है कि स्त्री का यौनाकर्षण (sex appeal) उसके बाकी सारे गुणों पर भारी पड़ता है ...वह औरत ही क्या जिसे देखकर मर्द का खड़ा ना हो

यह देखकर बहुत निराशा होती है कि अधिकतर महिलाओं का सेक्स के प्रति नज़रिया कुछ इस प्रकार का होता है मानो वह पुरुषों से चुदवाकर उनपर बहुत बड़ा एहसान कर रही हों ... अगर फिर भी पुरुष उनके आगे-पीछे घूमते हैं तो सिर्फ विकल्पों के अभाव के कारण ना कि उनकी चाहत के वशीभूत होकर ... क्या आप यही चाहती हैं ? ...मेरा यह मानना है कि आकर्षक शरीर से भी बढ़कर जो चीज़ एक औरत को सेक्सी बनाती है वह है उसका अच्छा स्वास्थ्य और उसकी कामेच्छा ...चुदवाने की प्रबल इच्छा रखने वाली औरतें मर्दों के दिलों पर राज करती हैं ...इसलिए जब भी मौका  मिले अपने पुरुष साथी पर भूखी शेरनी की तरह टूट पड़िये

मैंने यह लेख उन औरतों के लिए लिखा है जो जीवन में थोड़ी मस्ती चाहती हैं ...इसमें ऐसा कुछ नहीं है जो आप ना करती हों या फिर ना कर सकें ...आशा करता हूँ कि यह लेख पढ़ने के बाद आप इस कला में निपुण हो गई होंगी...इस प्रकार मर्दों को उकसाने पर लगाम हमेशा आपके हाथ में ही रहेगी ...आप चाहें तो उससे चुदवा सकती हैं या फ़िर सिर्फ़ अंग-प्रदर्शन तक ही सीमित रह सकती हैं ...और हाँ ,इससे आपके चरित्र पर भी आँच नहीं आएगी क्योंकि हम बेचारे पुरुषों को तो पता भी नहीं चलता कि वह महज़ एक इत्तफाक है या कुछ और
... सबसे मज़ेदार बात तो यह है कि आप यह अश्लील हरकतें किसी भी मर्द के साथ कर सकती हैं ...परिचितों से लेकर अपरिचितों तक ...नवयुवकों से लेकर अधेड़ उम्र के पुरुषों तक.....आख़िर लंड सबका खड़ा होता है

ऊपर बताये गए तरीकों के अलावा भी बदन दिखाने के बहुत अवसर हैं ....ज़रूरत है तो बस बेशर्मी के साथ उन मौकों को भुनाने की... अपनी चुदास पड़ोसन को दिखा दीजिये कि इस खेल में आपके सामने वह बच्ची है

जमकर दिखाओ और मज़े लो !


इस लेख में मैंने स्त्री के यौनाकर्षण के शारीरिक पहलू पर ही प्रकाश डाला है पर यहाँ यह बताना भी आवश्यक है कि औरत के नखरे और अदाएँ, उसकी भाव-भंगिमाएँ भी उतनी ही कामोत्तेजक होती हैं...उनके बारे में फिर कभी विस्तार से चर्चा करूँगा.

** मैं चाहता तो इस लेख में शालीन भाषा का प्रयोग भी कर सकता था पर मेरा मानना है कि अश्लीलता के बिना सेक्स अधूरा है. 

* टंकण में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा चाहता हूँ .

अशोभनीय - 

कई युवतियाँ अपशब्दों का प्रयोग करने में अपनी शान समझती हैं .शायद उन्हें नहीं पता कि 'अश्लील शब्दों' और 'अपशब्दों' में बहुत फर्क होता है .अश्लील शब्द पुरुष को उकसाने व उत्तेजना पैदा करने के लिए प्रयोग किये जाते हैं परन्तु आपके द्वारा कहे गए अपशब्द आपकी मानसिक कुंठा को ही दर्शाते हैं.
उदाहरण के लिए जब आप मर्दों की उपस्थिति में ' चूत, लंड, चोदना ' आदि अश्लील शब्दों का प्रयोग करेंगी तो आपकी बातें सुनकर ही न जाने कितनो का लंड खड़ा हो जायेगा पर यदि आप 'साले बहनचोद' सरीखी गालियाँ देंगी तो स्वयं ही उपहास और घृणा की पात्र बनेंगी .
स्त्री के मुख से अपशब्द शोभा नहीं देते इसलिए अश्लील बनिए किन्तु बदजुबान नहीं.

मेरा यह मानना है कि अगर नाक-कान में ऊँगली डालना और यहाँ- वहां खुजलाने की आदत को छोड़ दिया जाए तो औरतें थोड़ा बदतमीज़ ही अच्छी लगती हैं ...उनका ठहाका लगाकर हँसना....कोहनी मार-मारकर बात करना ....मन तो करता है कि उन्हें गोद में बैठाकर अपने खड़े लंड पर उछालूँ

उनको जीभ चिढ़ाते देखकर तो थूक से सनी उस जीभ को ही चूसने की इच्छा होती है



मैंने अपने लेख में महिलाओं की जिस मस्तानी चाल का उल्लेख किया है,उसी को दर्शाता यह चित्र -



यह चाल 'कैटवाक' से भिन्न है क्योंकि इसमें नितम्ब दायें-बाएं होने की बजाय गोलाई में घूमते हैं...मानो आपको अपनी मालिश करने के लिए उकसा रहे हों

इन मस्त चुदक्कड़ औरतों को कौन मर्द नहीं चोदना चाहेगा ? ....खुले आसमान के नीचे चुदाई का मज़ा ही कुछ और है ... क्या आप में भी है यह हिम्मत ?

माँ की चूत - सास की गांड का हलुआ ?

उस दिन जब मैं नीचे कमरे में घुसी तो देखा की मेरी अम्मी मेरे बॉय फ्रेंड से चुदवा रही है . यह देखते ही मेरा पारा सातवें आसमान पे पहुँच गया . मैं अपने दोस्त पर बरस पड़ी . मैंने कहा  :- अबे साले मादर चोद आसिफ तू साला बड़ा हरामी निकला . मैं तुझे ऐसा नहीं समझती थी . तूने बिना मेरे पूंछे मेरी माँ की चूत  में हाथ  डाल दिया . तू तो मुझे चोदने आया  था, मैं थोडा लेट हो गयी तो तू मेरी माँ चोदने लगा . तेरा  लन्ड इतना उतावला हो गया . साले कुत्ते कमीने मैं तेरी गांड में डंडा घुसेड दूँगी . मैं  तेरी माँ चोदूंगी आसिफ के बच्चे ? अगर तुझे मेरी माँ की चूत इतनी ही  प्यारी  लगती है तो मुझसे बताया होता, मैं खुद ही पेल देती तेरा लौड़ा अपनी माँ की चूत में ? तूने मेरे साथ धोखा किया है . अब मैं तुझे इसका मज़ा जरुर चखाऊंगी ?
अम्मी बोली :- हाय  हिना इसमें इतना नाराज़ होने की कोई जरुरत नहीं है . इस बिचारे की कोई गलती नहीं है . ये तो वापस जाने वाला था मैंने ही इसे रोक लिया . लड़का मुझे  पसंद आ गया तो मैंने ही इसका   लन्ड पकड़ लिया . इसका  लन्ड भी मुझे पसंद आ गया तो फिर मैं अपनी चूत  खोल कर चुदवाने लगी . आसिफ का लन्ड वाकई बड़ा मस्त है
मैंने कहा :- नहीं अम्मी, तुम इस बहन चोद को नहीं जानती .  अगर  ऐसा था तो मुझे फोन कर देता . मुझसे कहता आज मैं तुझे नहीं तेरी माँ चोदूंगा . मैं तो ब्यूटी पार्लर से बढ़िया डिजाईन दार झांटें बनवाकर आ रही हूँ . मैं सोच ही रही की आज आसिफ मेरी बुर देख कर बड़ा खुश होगा ? लेकिन यहाँ बुर क्या इसे भोषडा चोदने में मज़ा आ रहा है . अब  इसकी माँ चुदेगी तब इसे पता चलेगा ?
अम्मी बोली :- अरे जाने दे न हिना ? एक बार मुझे चोदने के दो घंटे बाद तुम भी चुदवा लेना ? नहीं तो किसी और बॉय फ्रेंड को बुला लो और इसी के सामने   चुदवाओ ? बड़ा मज़ा आएगा ?
 मैंने कहा :- हां वो तो ठीक है लेकिन है ये बड़ा हरामी ?  इसको अल्ला ने एक बढ़िया  लन्ड दिया है बस उसी को सबको पकडाना  चाहता है . उसी  लन्ड की बदौलत लड़कियों को चकमा देता रहता है . ये जानता  है अम्मी,  की जो औरत एक बार इसका  लन्ड पकड़  लेगी वो बार बार इसे बुलाएगी और ये बार बार उसे चोदेगा . मैं इसे छोडूंगी नहीं . आग लगा दूँगी मैं इसके  लन्ड में ?
अम्मी बोली :- तू हिना माँ की लौड़ी इतनी देर से बक बक किये जा रही है . तेरी चूत भोषड़ी की ज्यादा गरमा गयी है क्या ? कहो तो मैं अभी तेरी बुर में ३/४  लन्ड पेल दूं . याद है तुझे उस दिन जब सकील अंकल मुझे चोदने आया  था और मेरे आने के पहले ही तूने उसका  लन्ड पकड़ लिया था अपनी चूत में पेल कर भकाभक चुदवा रही थी .तब तो मैंने कुछ नहीं कहा था बल्कि मैंने ही उसका  लन्ड बार बार तेरी बुर में पेल कर तेरी बुर चुदवा दी थी . और हां तू तो उसके बाद भी कई बार सकील का  लन्ड ले चुकी है . आज मैंने तेरे बॉय फ्रेंड का  लन्ड ले लिया तो तेरी  गांड फटी जा रही है ?
यह सुन कर मेरा सारा गुस्सा शांत हो गया . मैं  नारमल हो गयी .
 फिर मैंने कहा :- अरे गांड तो मेरी सास की फट रही है अम्मी, ये किसका  लन्ड है जो मेरी सास की गांड मार रहा है ? इसका लौड़ा भी जबरदस्त लग रहा है .
अम्मी बोली :- ये फज़ल है मेरी सहेली का  शौहर . बड़ा मस्त  गांड मारता है ? तेरी सास अलीजा ने मुझसे गांड मरवाने की इच्छा ज़ाहिर की तो मैंने फज़ल को बुला लिया और उसने पेल दिया अपना  लन्ड तेरी सास की गांड में ?  और चोदने लगा  गांड
मैंने कहा :- अम्मी, फज़ल अंकल केवल गांड ही  मारता है की बुर भी चोदता है ?
अम्मी बोली :- हां बुर भी चोदता है चूंची भी चोदता है . बड़ा बढ़िया  लन्ड है इसका ? दूसरी बार तुम भी  इसका मज़ा  लेना ? 
मैंने अपनी सास से पूंछा :- सासू  जी तुम्हे गांड मरवाने की आदत कबसे पड़ गयी ? 
सासू बोली :- मैं दो  साल अमेरिका रह कर आयी हूँ . वहां सेक्स क्लब में जाती थी . वहां की औरते बुर कम चुदवाती है गांड ज्यादा मरवाती है . वहां के  लन्ड बड़े बड़े होते है . मेरी तो गांड पहले  लन्ड देख कर ही फट गयी  थी . लेकिन फिर वहां की औरतों ने ही बताया की गांड कैसे मरवाई जाती है ? मैं फिर सीख गयी गांड मरवाना . पहले गांड का छेड़ थोडा बड़ा कर लिया जाता है तो  लन्ड आसानी से  घुस जाता है . मैंने वो सब क्रीम लोसन और औज़ार लेकर आ गयी हूँ .  लन्ड भी  कई तरह के लेकर आयी हूँ . बिजली से चलने वाले भी  लन्ड है मेरे पास . इन नकली  लन्ड से चुदवाने में भी मज़ा आता है .  कभी कभी तो असली और नकली  लन्ड में फरक करना मुस्किल हो जाता है . अब जब तुम  ससुराल आओगी तो मैं दिखाऊंगी तुम्हे  लन्ड ?

 इतने में अचानक मेरे मोबाईल की घंटी बज उठी .
मैंने कहा :- हेलो कौन बोल रहे है ?
आवाज़ आयी :- मैं तुम्हारा प्रोफ़ेसर अनवर  बोल रहा हूँ .
मैंने कहा :- हां सर, कहिये कैसे है आप ? आप विदेश से आ गए है  ?
अनवर :- हां मैं वापस आ गया हूँ . बेटी एक बात कहना चाहता हूँ तुमसे  ?
मैंने कहा :- हां कहो न प्लीज ? मैं आपके लिए क्या कर सकती हो ?
अनवर :- मैं जो कह रहा हूँ वह तुम ही कर सकती हो . देखो विदेश जाते समय तुम मेरे पास  मुझसे मिलने आयी थी . और मेरे कमरे में जाकर मेरा  लन्ड पकड़ लिया था . उस दिन मैं जल्दी में था मैं तुम्हे चोद  नहीं पाया . उसके कुछ दिन पहले मैंने तेरी माँ को देखा था . वो तेरे साथ कॉलेज आयी थी . मुझे तेरी माँ बहुत सेक्सी लगी . जब तुम मेरा  लन्ड चूस रही थी तो मैंने कहा था की हिना  एक दिन तुम मुझे अपनी माँ की बुर दिलवाओ . मैं तेरी माँ  चोदना चाहता हूँ . तब तुमने तुरंत कहा की सर आप जब चाहे तब मेरी माँ चोद ले . अब मैं आ गया हूँ . मुझे तेरी माँ याद आ रही है . मैं  तुम्हारे साथ साथ तुम्हारी माँ को  भी चोदना चाहता हूँ . अब तुम बताओ मैं कब आ जाऊ ?
मैंने कहा :- अरे वाह क्या बात  है सर, मुझे यह  जानकार ख़ुशी हुई की मेरी माँ की बुर की डिमांड आज भी है . तुम अभी आ जाओ न सर. और आज रात भर मुझे चोदो मेरी माँ चोदो . और हां  तुम्हारे लिए एक  और ख़ुशी की बात है की मेरी सास भी यही है . उसे गांड मरवाने का बड़ा शौक है . उसकी  गांड भी मारो ? अनवर बोला :- अरे वाह तब तो मज़ा आ जायेगा  गांड कैसे मारी जाती है ये मैंने वहां से सीख लिया है ? . मैं शाम को ८ बजे पहुँच जाऊंगा 
.इतने में किसी ने घंटी बजाई . मैंने दरवाजा खोला तो देखा की सामने शमीम खालू खड़े है . मेरे खालू भी बहन चोद  चूत  के बड़े प्रेमी है . अल्ला ने इसको भी एक अच्छा  लन्ड दिया है . उस दिन जब खालू मेरी अम्मी को चोद  रहा था तो अचानक मैं कमरे में घुस गयी . मेरी निगाह उसके  लन्ड पर पड़ी तो मैं बड़ी देर तक  लन्ड ही देखती रही . तब अम्मी बोली अरी हिना  दूर से क्या देख क्या रही है. पकड़ कर देख न  लन्ड ? अब तूने मुझे चुदवाते हुए देख ही लिया तो तू भी चुदवा ले ? बड़ा तगड़ा  लन्ड है मज़ा आ जायेगा तेरी बुर को ? बस मैं जोश आ गयी और टूट पड़ी खालू के  लन्ड पर . अम्मी ने खुद पेला  लन्ड मेरी चूत में . उस दिन से मैं खालू से अक्सर चुदवाने लगी . मैंने खालू को अपनी सास से  मिलवाया . मेरी सास  थी तो नंगी लेकिन ऊपर से चुन्नी ओढ़ ली थी . मैंने उसकी चुन्नी हटाकर कहा खालू देखो मेरी नंगी सास ?  क्या मस्त भोषडा है इसका ? इसकी गांड भी चकाचक है . तब तक खालू बोला हां इसकी चूचियां भी बड़ी बड़ी है और सेक्सी भी . फिर सास बोल पड़ी अरी हिना मुझे भी तो अपने खालू का  लन्ड दिखाओ . मैं भी तो देखूं कितना बड़ा है इस बहन चोद का  लन्ड मैंने खालू का  लन्ड खोला और थोडा सहलाया .  लन्ड जब खड़ा हो गया तो सासू को दिखाया . सासू ने हाथ बढाकर  लन्ड पकड़ लिया . उसके चेहरे पर मुस्कान आ गयी . बोली हां ये है मर्दाना  लन्ड ?  अब मज़ा आएगा  चुदवाने में ? 
 रात को सभी लोग इकठ्ठा हो गए . मैं हिना, माँ अफसाना, सास अलीजा,  आसिफ और फज़ल, खालू शमीम और अनवर,  सर . यानी  तीन चूत और चार लन्ड
मैंने कहा सबसे पहले थोडा नशा कर लिया जाये तो ज्यादा मज़ा आएगा . मैंने देखा की मेरी सासू ज्यादा ही नशा कर रही थी . वो बोली यार अमेरिका में मैं खूब पीती थी शराब और उसके साथ लन्ड . मुझे तभी से लन्ड पीने की आदत पड़ गयी है बस सासू  अनवर सर के लन्ड पर हाथ फेरने लगी . अनवर का भी हाथ  उसकी चूचियों पर चला गया .वे दोनों लिपट गए और सासु ने उसका लन्ड निकाल लिया . उसे शराब में डुबो डुबो कर पीने लगी लन्ड . अम्मी ने शमीम का लन्ड अपने कब्जे में किया और मैं फज़ल और आसिफ का लन्ड अपने दोनों हाथों से पकड कर हिलाने लगी . जिसके पास जो लन्ड था वह उसी में मस्त होने लगी . सात के सातों बहन चोद नंग धडंग .  किसी को कोई शर्म नहीं . सब अपने अपने लन्ड में मगन थी  लेकिन दूसरों के लन्ड पर निगाह जमाये हए थी . मेरी सासू अलीजा तो अनवर का लन्ड ऐसे चाट रही थी जसी कोई लाली पोप चाटता है . अनवर  का मादर चोद सुपाड़ा बड़ा है और बड़ा सेक्सी है . कॉलेज की  लड़कियों की जान बस इसी सुपाडे में अटकी रहती है  . हर लड़की अनवर का लन्ड चाटने के लिए तैयार रहती है . सासू सुपाडे से पेल्हड़ तब लन्ड चाटने में मस्त हो गयी . मैं दो दो लन्ड का मज़ा लेने लगी .

 माँ अपने बहनोई का  पाकर खुश थी .आसिफ और फज़ल दोनों के लंड बड़े तगड़े थे . कभी मेरी बुर में कभी गांड में कभी मुह में कभी मेरी चूचियों  के बीच उत्पात मचाये हुए थे . मुझे बड़ा मज़ा आ रहा हा . उधर मेरे सामने मेरी अम्मी खालू का लन्ड अपने भोषडा में घुसेड़े हुई थी . चुद रहा था उसका भोषडा . अनवर बहन चोद  मेरी सासू की कभी गांड मारता कभी उसकी बुर चोदने लगता . कमरे में  भकर भकर ,  खचर खचर, गचर गचर , भच्च भच्च, धच्च धच्च , फच्च फच्च की आवाजें  हो रही थी तीनो औरतों की चुदाई . चुदाई की  आवाजों से सारा कमरा गूँज रहा था .

 इतने में मैंने देखा की मेरी अम्मी  चूतड उठाये हुए झुक कर खालू का लन्ड चूस रही है . उसकी गांड  खुली देख कर मैंने फज़ल को आँख मारी तो फज़ल उठा और माँ की गांड में पेल दियालन्ड  और मारने लगा गांड . मेरी  माँ भी बुर चोदी कम हराम जादी नहीं है उसने खालू को इशारा किया तो  खालू ने मेरी बुर में पेल दिया अपना लन्ड . मैं खालू से चुदने लगी . इतने में आसिफ सासू की बुर  चोदने लगा . और अनवर भोषड़ी का मेरे पास आया और अपना लन्ड मेरे मुह में घुसेड दिया . मैं उसका लन्ड चूसने लगी . हम तीनो में बड़ी दोस्ती हो गयी . एक  दूसरे की बुर में लन्ड  पेलने लगी . हमने किसी की गांड नहीं छोड़ी जिसमे लन्ड न घुसा हो .  बुर  चुदाते  चुदाते  मेरी भी बुर बन गयी भोषडा . बड़े बड़े लन्ड बे रोक टोक के घुसने लगे मेरी बुर में . मैं तो  बस चुदवाये चली जा रही थी . 
 मैं जब ससुराल गयी तो वहां मेरी सासू ने बड़े बड़े लन्ड का इंतजाम किया था . नौ नौ इंच के लन्ड दस दस इंच के लन्ड मेरे सामने खड़े कर दिया मेरी सासू ने . मेरी बुर में खुद ही पेलने लगी लन्ड . मैं भी उसके भोषडा में  घुसेड देती थी लन्ड . उसकी गांड में ठोकती थी लन्ड . जब  लन्ड कुछ ज्यादा हो गए तो मैंने अपनी माँ को बुला लिया . वो तो दोदो तीन तीन लन्ड अपने भोषडा में लेती थी . हम तीनो घर में हमेशा नंगी ही रहती थी . ३/४ मर्द  मादर चोद हमेशा नंगे ही पड़े रहते थे घर में . लोग आते  रहते थे और चोदते रहते थे . 
 दोस्तों,  अगर लन्ड का मज़ा लेना है तो मेरी माँ से सीखो . मेरी सासू से सीखो .