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यारो चुदो उससे जैसे भी चुदवाय

मित्र आप किस से किसकी तुलना कर रहे हो ये देवी सोनी का काम दरबार हे और हम मंच पर विचरण करने वाले साधारण छोटे छोटे प्राणी
हमारी क्या मजाल की देवी के दरबार में कुछ कह सके वे तो काम शास्त्र की ज्ञाता हे और बड़े बड़े काम कवितायों की रचना करती हे
में तो काम शास्त्र की बारहा खड़ी ही सिख रही हु

शायरी पेश है किसी और ने लिखी है आप सब का लिया पेश कर रही हु
शायरी

कोई मुरवत में मरवाए

कोई करवट ले कर करवाए

किसी को डॉगी स्टाइल भा जाये
कोई टांगें उठवा के चुदवाये

किसी को पसंद हे ब्लो जॉब
तो कोई अपनी रस भरी चट्वाए

किसी की एक होल रहे तरसती
कोई तीनों होल भरवाए

कोई ख़ामोशी से लेटी रहे
बिन हिले ही मज़ा पाए
कोई चुदवाते शोर मचाय
ऊई मरी ज़रा जोर से हाय हाय

कितने ही स्टाइल हैं कितने ही तरीके
खत्म नहीं हूँ गर कोई सीखे

यारो में ने तो हर स्टाइल अजमा डाला
बस मज़ा ही आया जब अन्दर पा डाला

डोग्गी स्टाइल हो या मोंकी का हो शोट
सब चलता हे यारो गर साथी हो होट
वोह ऊपर बेठे या नीचे लेटी हो
चाकू आखिर चाकू हे तरबूज डाले काट

यारो चुदो उससे जैसे भी चुदवाय
जानी मै चला अब टेक केयर बाय बाय

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